🕉️ विगत 25 वर्षों से भारत-नेपाल में सनातन धर्म प्रचार - वृन्दावन धाम | संपर्क: 9411064714

श्री धाम वृन्दावन के
आचार्य शिवांश भाई जी महाराज
(आचार्य शिवांश जी महाराज)

गुरु परम्परा भगवान नारायण से प्रारंभ। ऋषि परम्परा से धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज के कृपा पात्र श्री दीनदयालु जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य। विगत 25 वर्षों से भारत के 15+ राज्यों एवं नेपाल में कथा-प्रवचन सेवा।

📖 8 दिव्य कथाएँ🔱 यज्ञ एवं ज्योतिष🐄 गौ सेवा🎓 वेद-व्याकरणाचार्य

📜 संपूर्ण जीवन परिचय

आचार्य शिवांश भाई मिश्र जी का जन्म कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में हुआ। पूज्य पिताश्री श्री चक्रदीन मिश्र जी के दो पुत्रों में ज्येष्ठ। दादा गुरुजी प्रातःस्मरणीय पं. राजवंशी द्विवेदी जी। बाल्यकाल से ही भक्ति, शास्त्राध्ययन में रुचि। वृन्दावन धाम के मूर्धन्य विद्वान् ऋषिकल्प तपोमूर्ति ब्रह्मर्षि पं. राजवंशी द्विवेदी जी के चरणों में वेद, व्याकरण, सांख्य, वेदान्त, योग, ज्योतिष, न्याय शास्त्र का गहन अध्ययन। श्रीमद्भागवत का अध्ययन पूज्य श्री रामानुजाचार्य जी महाराज से। पालन-पोषण एवं शिव-शक्ति दीक्षा परम पूज्य सद्गुरुदेव प्रातःस्मरणीय ब्रह्मलीन श्री दीनदयालु जी महाराज से प्राप्त। उन्हीं की कृपा से विगत 25 वर्षों से देश-विदेश में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार।

📺 आधिकारिक YouTube - लेटेस्ट 4 वीडियो

Official Channel: @Acharyashivanshjimaharaj - सीधे YouTube से

🔴 YouTube चैनल पर जाएं

💳 दक्षिणा / सहयोग हेतु

SHIV BHAGWAN MISHRA के नाम से सत्यापित

📱
UPI ID: 9411064714@ptsbi

PhonePe / Google Pay / Paytm से स्कैन करें
नाम: SHIV BHAGWAN MISHRA (आचार्य शिवांश भाई जी)

📞 संपर्क

जय श्री राधे, आचार्य जी महाराज
मैं [नाम], [शहर] से। हमें [तिथि] को [कथा] आयोजन करवाना है।

सीधे कॉल: 9411064714
श्री धाम वृन्दावन

💬 WhatsApp पर संदेश भेजें

🌳 दिव्य गुरु परम्परा - भगवान नारायण से प्रारंभ (संपूर्ण)

हमारी गुरु परम्परा साक्षात भगवान नारायण से प्राप्त प्रारंभ हुई है, इस पावन दिव्य ऋषि परम्परा से शिक्षित-दीक्षित होकर विगत 25 वर्षों से सनातन प्रचार

1
भगवान नारायण - सृष्टि के आदि गुरु, हमारी परम्परा के मूल
2
ब्रह्मा जी - नारायण के नाभि कमल से उत्पन्न
3
वशिष्ठ जी - ब्रह्मा जी के मानस पुत्र, सप्तऋषि
4
शक्ति मुनि - वशिष्ठ जी के पुत्र
5
पराशर जी - शक्ति मुनि के पुत्र
6
व्यास जी - पराशर पुत्र, वेदों के विभाजक, भागवत रचयिता
7
शुकदेव जी - व्यास पुत्र, भागवत के प्रथम वक्ता
8
गौड़पादाचार्य जी - शुकदेव परम्परा में अद्वैत के आचार्य
9
आदि जगतगुरु शंकराचार्य जी - अद्वैत वेदान्त के प्रचारक
10
धर्म सम्राट स्वामी श्री करपात्री जी महाराज
हमारे दादा गुरु जी - सनातन धर्म के प्रखर प्रवर्तक, परम्परा के तेजस्वी वाहक
11
प्रातःस्मरणीय ब्रह्मलीन पूज्यपाद गुरुदेव श्री दीनदयालु जी महाराज
हमारे श्रद्धेय गुरु जी - जिन्होंने बचपन से पालन-पोषण कर शिव-शक्ति दीक्षा प्रदान की
12
ब्रह्मर्षि श्री राजवंशी द्विवेदी जी महाराज
हमारे शिक्षा गुरु जी - वेद, व्याकरण, सांख्य, वेदान्त, योग, ज्योतिष, न्याय के प्रकांड आचार्य
13
आचार्य शिवांश भाई जी महाराज (आचार्य शिवांश जी महाराज)
इस पावन दिव्य ऋषि परम्परा से शिक्षित-दीक्षित होकर देश-देशांतर में कथा, प्रवचन, संगीत के माध्यम से सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार विगत 25 वर्षों से निरंतर
@media(max-width:800px){grid-template-columns:1fr}

🗺️ 16 प्रांत + नेपाल कथा यात्रा

देश के अनेक प्रांतों में कथा करते हुए पड़ोसी देश नेपाल में भी सनातन संस्कृति का प्रचार करने का सौभाग्य

उत्तर प्रदेशमध्य प्रदेशझारखंडबिहारछत्तीसगढ़बंगालउड़ीसातमिलनाडुतेलंगानाकेरलराजस्थानपंजाबहरियाणाहिमाचलउत्तराखंड🌏 नेपाल

🤝 नित्य सेवा कार्य

📚 गरीब छात्रों को शिक्षा
👰 गरीब कन्याओं का विवाह
🤲 दीन-दुखियों की सेवा
🐄 गौ सेवा
🙏 संत सेवा
🐒 वानर सेवा
🐦 पक्षी सेवा
👶 अनाथ सेवा
👴 वृद्ध सेवा

📖 8 दिव्य कथाएँ

📖 श्रीमद्भागवत कथा
सप्त दिवसीय
🔱 शिव पुराण
ज्योतिर्लिंग महिमा
🏹 श्री राम कथा
मर्यादा पुरुषोत्तम
🌺 देवी भागवत
आदिशक्ति
🦚 हरिवंश पुराण
द्वारका लीला
📜 वाल्मीकि रामायण
मूल रामायण
🙏 भक्त माल
84 वैष्णव चरित्र
⚔️ गीता कथा
कुरुक्षेत्र उपदेश