गुरु परम्परा भगवान नारायण से प्रारंभ। ऋषि परम्परा से धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज के कृपा पात्र श्री दीनदयालु जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य। विगत 25 वर्षों से भारत के 15+ राज्यों एवं नेपाल में कथा-प्रवचन सेवा।
आचार्य शिवांश भाई मिश्र जी का जन्म कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में हुआ। पूज्य पिताश्री श्री चक्रदीन मिश्र जी के दो पुत्रों में ज्येष्ठ। दादा गुरुजी प्रातःस्मरणीय पं. राजवंशी द्विवेदी जी। बाल्यकाल से ही भक्ति, शास्त्राध्ययन में रुचि। वृन्दावन धाम के मूर्धन्य विद्वान् ऋषिकल्प तपोमूर्ति ब्रह्मर्षि पं. राजवंशी द्विवेदी जी के चरणों में वेद, व्याकरण, सांख्य, वेदान्त, योग, ज्योतिष, न्याय शास्त्र का गहन अध्ययन। श्रीमद्भागवत का अध्ययन पूज्य श्री रामानुजाचार्य जी महाराज से। पालन-पोषण एवं शिव-शक्ति दीक्षा परम पूज्य सद्गुरुदेव प्रातःस्मरणीय ब्रह्मलीन श्री दीनदयालु जी महाराज से प्राप्त। उन्हीं की कृपा से विगत 25 वर्षों से देश-विदेश में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार।
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नाम: SHIV BHAGWAN MISHRA (आचार्य शिवांश भाई जी)
जय श्री राधे, आचार्य जी महाराज
मैं [नाम], [शहर] से। हमें [तिथि] को [कथा] आयोजन करवाना है।
सीधे कॉल: 9411064714
श्री धाम वृन्दावन
हमारी गुरु परम्परा साक्षात भगवान नारायण से प्राप्त प्रारंभ हुई है, इस पावन दिव्य ऋषि परम्परा से शिक्षित-दीक्षित होकर विगत 25 वर्षों से सनातन प्रचार
देश के अनेक प्रांतों में कथा करते हुए पड़ोसी देश नेपाल में भी सनातन संस्कृति का प्रचार करने का सौभाग्य